नवाडीह स्कूल में फर्जी बिलों से सरकारी धन निकासी का आरोप ,शिकायत से मचा हड़कंप
बिलासपुर - वि खं कोटा में शिक्षा के मंदिर को संवारने के लिए सरकार द्वारा भेजी जाने वाली लाखों रुपये की अनुदान राशि के उपयोग पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शासकीय प्राथमिक शाला नवाडीह, संकुल बानाबेल में शाला अनुदान एवं अन्य मदों की राशि के उपयोग में कथित अनियमितताओं और फर्जी बिलों के माध्यम से राशि आहरण किए जाने की शिकायत ने पूरे क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है।
प्रस्तुत दस्तावेजों में ऐसे कई बिलों का उल्लेख किया गया है, जिनमें न तो बिल क्रमांक दर्ज है, न तिथि स्पष्ट है और न ही संस्था का नाम अंकित बताया गया है। आरोप है कि कुछ दुकानों के नाम से ऐसे कार्यों के बिल लगाए गए हैं, जो संबंधित दुकानों में किए ही नहीं जाते।
फोटो प्रिंट का बिल, लेकिन दुकान में मशीन ही नहीं -----***---- 19 मार्च 2026 को कमल किराना एवं फोटोकॉपी जनरल स्टोर के नाम से 300 और 500 रुपये के बिल लगाए गए, जबकि संबंधित दुकान एक छोटी किराना दुकान है और वहां फोटोकॉपी तथा प्रिंटिंग जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन बिलों की प्रामाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं।
बिना क्रमांक और तिथि के बिलों से भुगतान का आरोप ---****---- न्यू आर.के. स्टेशनरी एंड जनरल के नाम से लगाए गए तीन बिलों में क्रमांक और तिथि का उल्लेख नहीं होने का आरोप लगाया गया है। यह सामान्य शासकीय प्रक्रिया के विपरीत है और बिलों की सत्यता की जांच आवश्यक है।
ग्रीन कारपेट, बैनर और गमलों की खरीदी भी सवालों के घेरे में ----***----- अनिल क्लॉथ स्टोर रतनपुर तथा अन्य दुकानों से ग्रीन कारपेट, बैनर और गमलों की खरीदी दर्शाकर भुगतान किए जाने का आरोप है। कई बिलों में संस्था का नाम तक अंकित नहीं है, फिर भी उन्हें शाला के खर्च के रूप में दर्शाकर राशि आहरित की गई।
ग्रामीणों में चर्चा, विभाग की जांच पर टिकी निगाहें ----****---- मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला होगा। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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