जांजगीर में ‘किसान की बात रेडियो के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन, विशेषज्ञों ने दी वैज्ञानिक खेती की जानकारी

जांजगीर में ‘किसान की बात रेडियो के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन, विशेषज्ञों ने दी वैज्ञानिक खेती की जानकारी

संपादक -मनहरण कश्यप 

जांजगीर-चांपा, / कृषि विज्ञान केंद्र, जर्वे जांजगीर में रेडियो किसान दिवस के अवसर पर “किसान की बात रेडियो के साथ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मत्स्य पालन, प्राकृतिक खेती एवं रबी फसलों के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।

रेडियो किसान दिवस कार्यक्रम में मत्स्य पालन, मशरूम की खेती, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन-तिलहन फसलों को प्रोत्साहन, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, रबी फसलों में पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग प्रबंधन, भंडारित अनाजों में कीट नियंत्रण तथा उन्नत विलोपित किस्मों के संबंध में वैज्ञानिकों और प्रगतिशील कृषकों ने जिले एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आए किसानों को विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इससे किसानों में उन्नत खेती के प्रति जिज्ञासा और जागरूकता बढ़ी। प्राकृतिक खेती कर रहीं महिला कृषकों ने भी बड़ी संख्या में भागीदारी करते हुए अपने अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर आकाशवाणी बिलासपुर एवं कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि रेडियो ने सदैव किसानों को एक सशक्त मंच प्रदान किया है। रेडियो के माध्यम से किसानों की समस्याओं और अनुभवों को साझा करने की परंपरा ने कृषि क्षेत्र को मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। स्वतंत्रता के बाद आई हरित क्रांति ने कृषि उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की।

कलेक्टर श्री महोबे ने किसानों से बहु-फसली प्रणाली अपनाने और फसल चक्र का पालन करने पर जोर देते हुए कहा कि जांजगीर-चांपा जिला कृषि पर आधारित क्षेत्र है। खरीफ में फसल चक्र अपनाना भूमि की उर्वरता बनाए रखने और उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ने की सलाह दी, जिससे कृषि आय में वृद्धि हो सके।

कार्यक्रम के दौरान आकाशवाणी बिलासपुर ग्रामसभा के जाने-माने कलाकार हरीश माड़वा (बैसाखू भैया), गोपाल कृष्ण पाण्डेय ( महंगू भैया), महेन्द्र साहू (राजू भैया), रुपेश कँवर ( पंचू भाई )और चित्रलेखा तिवारी ( कजरी बहिनी ) ने रेडियो के पारंपरिक लहजे में छत्तीसगढ़ी भाषा में संवाद प्रस्तुत किए। उनकी जीवंत प्रस्तुति और सहज शैली को सुनकर उपस्थित किसान और दर्शक खुशी से झूम उठे तथा पूरे परिसर में उत्साह का वातावरण बन गया।

कार्यक्रम में निदेशक विस्तार सेवाएं एस.एस. टूटेजा, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. के.डी. महंत, कीट विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. रंजीत मोदी, पौध रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष प्रधान, मत्स्य पालन विशेषज्ञ डॉ. मनीष सिंह, आकाशवाणी बिलासपुर की डॉ. सुप्रिया भारतीयन तथा प्रगतिशील कृषक संदीप तिवारी, आशीष राठौर, दुष्यंत सिंह और रोहित साहू ने नवाचार एवं आधुनिक कृषि तकनीकों पर व्याख्यान दिया।

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