तरंगों पर बसी दुनिया:विश्व रेडियो दिवस पर विशेष,आवाज़ का जादू, दिलों का सेतु और जन-जन का सच्चा साथी—रेडियो

तरंगों पर बसी दुनिया:विश्व रेडियो दिवस पर विशेष,आवाज़ का जादू, दिलों का सेतु और जन-जन का सच्चा साथी—रेडियो
संपादक -मनहरण कश्यप 

बिलासपुर। विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आकाशवाणी बिलासपुर के कलाकारों और अधिकारियों ने रेडियो की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए इसे जन-जन को जोड़ने वाला सशक्त माध्यम बताया।
आकाशवाणी बिलासपुर के ‘किसानवाणी’ कार्यक्रम में लोकप्रिय किरदार निभाने वाले बैसाखू भैया ने कहा कि रेडियो आवाज़ की दुनिया में एक अलग ही महत्व रखता है। यह दुनिया के लोगों को आपस में जोड़कर रखता है। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल युग में भी रेडियो का महत्व बरकरार है। जब कहीं बाहर जाते हैं और लोग प्रेम से कहते हैं—“अरे, ये तो हमारे रेडियो वाले बैसाखू भैया हैं”—तो उस भावनात्मक क्षण को शब्दों में बयां करना मुश्किल हो जाता है। यह पहचान और लोगों तक पहुंच रेडियो ने ही दिलाई है।
उन्होंने आगे कहा कि जब स्टूडियो से माइक पर कोई कलाकार बोलता है, तो श्रोता अपनी कल्पना में उसकी एक अलग छवि बना लेते हैं। यही आवाज़ का जादू है, जो लोगों के दिलों से जुड़ जाता है।
रेडियो के राजू भैया ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि रेडियो देववाणी के समान है, जो तरंगों के माध्यम से हृदय में उतरकर जीवन को झंकृत करती है। दुनिया में सबसे अधिक लोगों तक लाभ पहुंचाने वाला माध्यम यदि कोई है, तो वह रेडियो है। यह संसार के हर व्यक्ति को जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने सभी को विश्व रेडियो दिवस की अनंत शुभकामनाएं दीं।
महंगू भैया ने कहा कि रेडियो स्वस्थ मनोरंजन का माध्यम है, जो मधुर संगीत के साथ-साथ ज्ञानवर्धक जानकारी भी प्रदान करता है। यह हमें दैनिक गतिविधियों से जोड़ता है और एक सच्चा दोस्त व हमसफर बन सकता है। उन्होंने भी विश्व रेडियो दिवस की शुभकामनाएं दीं।

जित्तू भैया ने कहा कि आज भले ही मनोरंजन के कई आधुनिक साधन उपलब्ध हैं, फिर भी रेडियो की उपयोगिता और महत्व आज भी कायम है। आकाशवाणी रेडियो के माध्यम से हर वर्ग—युवा, महिलाएं और विशेषकर किसानों—के लिए विविध कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं। ‘किसानवाणी’ कार्यक्रम से हजारों किसान जुड़े हुए हैं और इससे निरंतर लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

इस अवसर पर आकाशवाणी बिलासपुर की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुप्रिया भारतीयन ने कहा कि रेडियो एक विश्वसनीय और सशक्त जनसंचार माध्यम है, जो सूचना, शिक्षा और मनोरंजन का संतुलित समन्वय प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि रेडियो की विशेषता उसकी सरलता, सुलभता और व्यापक पहुंच है। बदलते समय में तकनीक के साथ कदम मिलाते हुए भी रेडियो अपनी आत्मीयता और विश्वसनीयता को बनाए हुए है। विश्व रेडियो दिवस हमें इस सशक्त माध्यम की भूमिका को स्मरण करने और उसे और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है।

अंत में सभी ने विश्व रेडियो दिवस पर श्रोताओं को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए रेडियो को सदैव जन-जन की आवाज़ बने रहने की कामना की।

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