राजस्थान से आने वाले भेड़-बकरियों के अवैध प्रवेश पर रोक लगाने की मांग, चरागाह संरक्षण के लिए सौंपा ज्ञापन
संपादक -मनहरण कश्यप की खास रिपोर्ट
रतनपुर। ग्राम पंचायत मोहदा, नवागांव, पोंडी, लालपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के ग्रामवासियों एवं पशुपालकों ने राजस्थान से आने वाले भेड़-बकरियों के अनियंत्रित प्रवेश पर रोक लगाने तथा स्थानीय पशुओं के लिए चरागाहों को संरक्षित करने की मांग की है। इस संबंध में कृषि मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र के वनांचल एवं ग्रामीण इलाकों में बाहरी भेड़-बकरियों के झुंड आने से स्थानीय चरागाहों की घास और अन्य प्राकृतिक चारे पर दबाव बढ़ रहा है। इससे गाय, बैल, बकरी सहित स्थानीय मवेशियों के लिए चारे की कमी की समस्या उत्पन्न हो रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो स्थानीय पशुओं के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो सकता है।
ग्रामीणों एवं पशुपालकों ने रमचन्दा काका पहाड़ वन क्षेत्र तथा आसपास के वन क्षेत्रों में राजस्थान से आने वाले भेड़-बकरियों के अवैध प्रवेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने शासन-प्रशासन से चरागाहों के संरक्षण और स्थानीय पशुधन के हित में प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर बिलासपुर, कोटा विधायक, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोटा, तहसीलदार रतनपुर, थाना प्रभारी रतनपुर तथा वन विभाग के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित की गई है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी समस्या पर गंभीरता से विचार करते हुए स्थानीय पशुपालकों के हितों की रक्षा के लिए उचित कार्रवाई करेगा।
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