जरगा रेतघाट ई-नीलामी पर विवाद: बिना अनुमति प्रस्ताव पारित करने का आरोप, ग्रामीणों ने की नीलामी रोकने की मांग
मनहरण कश्यप की खास रिपोर्ट
बिलासपुर। ग्राम पंचायत कोनचरा द्वारा ग्राम जरगा स्थित रेतघाट की ई-नीलामी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कलेक्टर एवं जिला खनिज अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि 6 अगस्त 2023 को कोनचरा ग्रामसभा में जरगा रेतघाट से संबंधित प्रस्ताव पारित करना पूर्णतः नियम विरुद्ध है, क्योंकि जरगा स्वयं एक राजस्व ग्राम है और उसकी ग्रामसभा की अनुमति अनिवार्य है।
ग्रामीणों के अनुसार 6 अगस्त 2023 को ही ग्रामसभा और ग्राम पंचायत की बैठक दिखाकर रेतघाट संचालन का प्रस्ताव तैयार किया गया, जबकि इसकी जानकारी न तो कोनचरा और न ही जरगा के ग्रामीणों को दी गई। इस कारण प्रस्ताव फर्जी प्रतीत होता है। साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2023 के प्रस्ताव का उपयोग वर्ष 2025 की ई-नीलामी में किया जाना पूर्णतः अवैध है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने 7 नवंबर 2023 को तहसीलदार बेलगहना को दिए गए प्रतिवेदन का उल्लेख करते हुए बताया कि यदि नीलामी वर्ष 2025 में की जानी है, तो नई ग्रामसभा से सहमति आवश्यक है। अनुसूचित क्षेत्रों में लागू पेसा एक्ट एवं 8 अगस्त 2022 के राजपत्र में गौण खनिज नीलामी से पहले ग्रामसभा की अनुमति अनिवार्य होने का स्पष्ट प्रावधान है।
इस वर्ष पंचायत चुनाव के बाद 5 नवंबर 2025 को नई ग्रामसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जरगा रेतघाट संचालित नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद पुराने प्रस्ताव के आधार पर ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू करना ग्रामीणों ने नियम विरुद्ध बताया।
ग्रामीणों ने मांग की है कि 6/8/2023 के कथित फर्जी प्रस्ताव को निरस्त कर ई-नीलामी प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए तथा संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
0 Comments