धान खरीदी में अव्यवस्थाओं को लेकर पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला का आरोप—“भाजपा सरकार की कम से कम धान खरीदने की नीयत”
संपादक -मनहरण कश्यप की खास रिपोर्ट
बिलासपुर। किसानों से चर्चा के दौरान पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार की मंशा किसानों से कम से कम धान खरीदने की है। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की घोषणा के बावजूद अब तक खरीदी शुरू नहीं की गई है, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार पंजीयन, गिरदावरी और एग्री-स्टैक जैसे तकनीकी कारणों का हवाला देकर किसानों को परेशान कर रही है। उनका कहना है कि अव्यवस्था ऐसी है कि यह जानबूझकर की गई प्रतीत होती है, जिससे किसानों की उपज खरीदी न करनी पड़े।
उन्होंने बताया कि बेलगहना सहकारी समिति के 495 किसानों के नाम सूची से कट गए, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप की स्थिति है। वंचित किसान लगातार पटवारी, तहसीलदार और सहकारी समिति कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। यह स्थिति कोटा विकासखंड की अन्य समितियों में भी देखने को मिल रही है।
पूर्व कांग्रेस सरकार का उदाहरण देते हुए शुक्ला ने कहा कि तब वनभूमि पट्टा धारकों का धान भी खरीदा जाता था, किंतु भाजपा सरकार आने के बाद इन किसानों को धान खरीदी से बाहर कर दिया गया है। इससे प्रभावित किसान सरकार के "किसान विरोधी रवैये" पर नाराजगी जताते हुए आगामी चुनावों में इसके परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहे हैं।
संदीप शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि धान खरीदी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर एसडीएम कार्यालय का घेराव करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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