ठेंगहाबाबा चौक में लाठीकांड! जीजा की आंखों के सामने पिटा साला — सदमे में जीजा की मौत, आरोपी अब भी आज़ाद

ठेंगहाबाबा चौक में लाठीकांड! जीजा की आंखों के सामने पिटा साला — सदमे में जीजा की मौत, आरोपी अब भी आज़ाद 
कोटा/ कोटा थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 08 पुरानी बस्ती में हुए लाठीकांड ने पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार 24 अक्टूबर 2025 की सुबह करीब 10:15 बजे,
राजेन्द्र गोंड पिता अवधराम गोंड अपने मुंहबोले जीजा शिवप्रसाद सोनी के साथ चावल लेने आदर्श किराना दुकान गया था।


वापस लौटते समय ठेंगहाबाबा चौक के पास उनकी मुलाकात विक्की रजक से हुई।
बताया गया कि शिवप्रसाद ने विक्की से 6–7 महीने पहले दिया गया गैस सिलेंडर वापस मांगा।
इस पर विक्की भड़क गया और “नहीं दूंगा, जा जो करना है कर ले” कहते हुए मां-बहन की गालियां देते हुए अपने घर से लाठी लेकर आया और राजेन्द्र गोंड पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।



हमले में राजेन्द्र गोंड को गंभीर चोटें आईं, जबकि शिवप्रसाद सोनी ने यह पूरी घटना अपनी आंखों से देखी।
घटना का सदमा शिवप्रसाद बर्दाश्त नहीं कर सका और 26 अक्टूबर की सुबह हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।

परिजनों का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी आरोपी विक्की रजक पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस अब तक डॉक्टर की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जबकि

“मामूली विवादों में पुलिस सख्त कार्रवाई करती है,
लेकिन यहां गंभीर चोट और एक मौत के बाद भी कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित है।

स्थानीय लोगों का कहना है —

“गरीब के लिए इंसाफ मिलना मुश्किल नहीं, नामुमकिन हो गया है।”

अब सवाल उठता है — क्या गरीब की हाथ में छोट गवाह जान की कीमत सिर्फ मेडिकल रिपोर्ट तक सिमट गई है? आरोपी कब तक खुलेआम घूमता रहेगा?

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