38 वर्षों से उपेक्षित मांगों को लेकर तेंदूपत्ता प्रबंधक संघ ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
संपादक -मनहरण कश्यप Gs news cg
बिलासपुर, 11 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ राज्य तेंदूपत्ता प्रबंधक संघ की राज्य स्तरीय बैठक मंगलवार को वन चेतना केंद्र, सकरी बिलासपुर में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के 32 जिला यूनियनों के प्रबंधक शामिल हुए। इस दौरान फड़मुंशियों एवं प्रबंधकों की वर्षों से लंबित मांगों और उनके हितों की अनदेखी को लेकर गहरी नाराजगी जताई गई।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले 38 वर्षों से फड़मुंशियों और प्रबंधकों की मेहनत से समितियों को होने वाले लाभ की 15 प्रतिशत राशि से राज्य संघ के अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन-भत्ते एवं अन्य खर्च किए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि जिस मेहनत से यह राशि प्राप्त होती है, उसी मेहनतकश वर्ग के हितों के लिए अपेक्षित रूप से कोई ठोस कार्य नहीं किया जा रहा है।
बैठक में कहा गया कि सरकार द्वारा समय-समय पर फड़मुंशियों एवं प्रबंधकों के हित में घोषणाएं की गईं, लेकिन उन घोषणाओं पर अब तक प्रभावी अमल नहीं होने से कर्मचारियों में निराशा और आक्रोश है। अपने जायज हक और मांगों को लेकर संघ के सदस्य पिछले 38 वर्षों से विभाग, शासन और प्रशासन के समक्ष लगातार गुहार लगाते आ रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं होने से अब वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
संघ ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि फड़मुंशियों एवं प्रबंधकों की जायज और औचित्यपूर्ण मांगों के निराकरण तक संघर्ष जारी रहेगा। मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संघ द्वारा चरणबद्ध एवं उग्र आंदोलन किया जाएगा।
संघ ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि वर्षों से लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि तेंदूपत्ता संग्रहण व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले फड़मुंशियों एवं प्रबंधकों को उनका उचित अधिकार और सम्मान मिल सके।
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