ढोल-नगाड़ों से गूंजेगा जिला स्तरीय सुशासन शिविर, अधिकारियों की “कुम्भकरणीय नींद” जगाने मैदान में उतरेंगे शुक्ला
संपादक -मनहरण कश्यप
“आदिवासी अंचल के बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित नहीं होने देंगे”
कोटा विधानसभा के बेलगहना क्षेत्र में महाविद्यालय शुरू नहीं होने को लेकर अब जनआक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। मुख्यमंत्री द्वारा खोँगसरा आगमन के दौरान बेलगहना में कॉलेज खोलने की घोषणा किए जाने के बावजूद अब तक पहल नहीं होने पर क्षेत्रीय जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कोटा जनपद पंचायत के पूर्व अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने सरकार और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा को ही अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, तो आम ग्रामीणों की समस्याओं का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज भटकना पड़ता है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शुक्ला ने घोषणा की है कि आगामी 21 मई को ग्राम पंचायत मिट्ठूनवागांव में आयोजित जिला स्तरीय सुशासन शिविर के दौरान ढोल, ताशा और नगाड़ा बजाकर “कुम्भकरणीय नींद” में सोई सरकार और अधिकारियों को जगाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन केवल कॉलेज की मांग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बेलगहना में सहकारी बैंक शाखा खोलने, अरपा नदी में बड़ी मशीनों से हो रहे अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी समस्याओं तथा अतिवृष्टि प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी।
संदीप शुक्ला ने क्षेत्र के छात्रों, युवाओं और ग्रामीणों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर जनहित की इस लड़ाई को मजबूत बनाने की अपील की है।
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