विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस: ज्ञान, संवेदना और कल्पना का उत्सव - मुकेश श्रीवास्तव

विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस: ज्ञान, संवेदना और कल्पना का उत्सव - मुकेश श्रीवास्तव
 
संपादक -मनहरण कश्यप Gs news रतनपुर 

23 अप्रैल—यह तारीख दुनिया भर के पुस्तक प्रेमियों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं। हर साल आज के दिन UNESCO द्वारा विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस मनाया जाता है, जो न केवल किताबों के महत्व को रेखांकित करता है बल्कि लेखकों के योगदान और उनके अधिकारों के प्रति सम्मान भी प्रकट करता है।
इस वर्ष 2026 की थीम “अपने तरीके से पढ़ें” (Read Your Way) रखी गई है। यह थीम पढ़ने को किसी नियम या बंधन में नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र और व्यक्तिगत अनुभव के रूप में देखने की प्रेरणा देती है—जहां हर व्यक्ति अपनी पसंद, अपनी गति और अपनी शैली में ज्ञान की दुनिया से जुड़ सकता है।

क्यों खास है 23 अप्रैल?

यह दिन साहित्य जगत के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। इसी दिन महान नाटककार William Shakespeare का जन्म और निधन माना जाता है। साथ ही प्रसिद्ध स्पेनिश लेखक Miguel de Cervantes और इतिहासकार Inca Garcilaso de la Vega से भी यह तारीख जुड़ी हुई है।

 विश्व पुस्तक राजधानी 2026

इस वर्ष Rabat (मोरक्को) को World Book Capital घोषित किया गया है, जहां पूरे साल साहित्य, पठन-पाठन और साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।

 पुस्तकों का महत्व

किताबें केवल कागज पर लिखे शब्द नहीं, बल्कि विचारों, संस्कृतियों और पीढ़ियों के बीच एक जीवंत सेतु हैं। ये हमें नई सोच देती हैं, संवेदनाओं को गहराई देती हैं और जीवन को समझने का नजरिया बदल देती हैं। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित करना समाज के उज्जवल भविष्य की नींव है।

भावपूर्ण संदेश

"किताबें इंसान की सबसे सच्ची दोस्त होती हैं—जो बिना कुछ मांगे, हमें ज्ञान, अनुभव और कल्पनाओं की अनंत दुनिया से परिचित कराती हैं।"
आज के इस खास मौके पर हमारे शौर्य जी ने "शिवाजी द मराठा" पुस्तक पढ़कर इतिहास और वीरता की प्रेरणा को आत्मसात किया।

 आपसे सवाल…

इस विश्व पुस्तक दिवस पर आप कौन सी किताब पढ़ने की योजना बना रहे हैं?
क्योंकि हर किताब एक नई दुनिया का दरवाजा खोलती है…

संपादक -मनहरण कश्यप Gs news 

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