शाकंभरी महोत्सव में भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का भव्य संगम

शाकंभरी महोत्सव में भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का भव्य संगम
संपादक -मनहरण कश्यप GuruShishya News 

कोटा/ ग्राम कोंचरा में पटेल मरार समाज द्वारा माँ शाकंभरी महोत्सव का आयोजन पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर हर वर्ष की परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी श्रद्धा और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस शुभ अवसर पर पूज्य श्री श्री 108 स्वामी शिवानंद महाराज जी का मंगलमय आगमन सायं 4 बजे श्री सिद्ध बाबा आश्रम कोंचरा में हुआ, जहां समस्त ग्रामवासियों ने  बाजे गाजे व पुष्प मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
पूज्य स्वामी शिवानंद महाराज जी के करकमलों द्वारा नवनिर्मित रामकुटी का विधिवत लोकार्पण किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हर्ष और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण निर्मित हुआ। छत्तीसगढ़ में माँ शाकंभरी जयंती का विशेष महत्व है, जिसे छत्तीसगढ़वासी छेर-छेरा पर्व के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं।
इस अवसर पर ग्राम कोंचरा में पटेल समाज की महिला समूह द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो पूरे गांव में भ्रमण करते हुए श्रद्धा, संस्कृति और लोकपरंपरा का सुंदर दृश्य प्रस्तुत करती रही। कार्यक्रम को देखने के लिए आसपास के ग्रामों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार पौष मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से शाकंभरी गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ होता है, जिसका समापन पौष पूर्णिमा को होता है। माँ शाकंभरी, देवी दुर्गा का ही सौम्य एवं करुणामयी स्वरूप मानी जाती हैं।
आशीर्वचन देते हुए पूज्य स्वामी शिवानंद महाराज जी ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आस्था, विश्वास और अध्यात्म की निरंतर उन्नति होती है। उन्होंने पटेल समाज को सदैव धार्मिक व सामाजिक कार्यों में अग्रसर रहने का आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम के समापन पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। यह आयोजन भक्ति, परंपरा और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण बनकर स्मरणीय रहा।

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