“मोदी की गारंटी के नाम पर शिक्षकों का प्रदर्शन, 4 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना”
संपादक -मनहरण कश्यप
गौरेला पेंड्रा मरवाही/ मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा करने की मांग को लेकर सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन सड़कों पर उतर आया है। जिले में शिक्षकों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर TET की अनिवार्यता और VSK ऐप का खुलकर विरोध किया।
जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने प्रांतीय आह्वान पर अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरने पर बैठे शिक्षकों का कहना है कि चुनाव पूर्व सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने और सभी शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान देने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बावजूद वादे धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं।
फेडरेशन के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार राठौर ने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण पूरे प्रदेश के एलबी संवर्ग शिक्षकों में गहरा असंतोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब शिक्षकों पर TET परीक्षा पास करने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि नियुक्ति के समय सभी शिक्षक निर्धारित अर्हताएं पूरी करते थे। वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नए नियम लागू करना अन्यायपूर्ण है।
शिक्षकों ने ऑनलाइन उपस्थिति के लिए लागू किए गए VSK ऐप पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि निजी मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कर उपस्थिति दर्ज कराना शिक्षकों की निजता और सुरक्षा के लिए खतरा है। कई शिक्षकों के साथ साइबर ठगी की घटनाएं सामने आई हैं, वहीं मोबाइल खराब होने या चार्ज न होने की स्थिति में उपस्थिति का कोई वैकल्पिक प्रबंध नहीं है।
धरना-प्रदर्शन में जिले भर से सैकड़ों एलबी संवर्ग शिक्षक शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर करना, पूर्व सेवा की गणना करते हुए सभी लाभ देना, TET की अनिवार्यता समाप्त करना और VSK ऐप को बंद करना शामिल है। शिक्षकों ने यह भी कहा कि यदि ऑनलाइन उपस्थिति जरूरी है, तो सरकार को अलग डिवाइस उपलब्ध करानी चाहिए।
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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