एक साल से टूटी नहर की मरम्मत नहीं, किसानों ने श्रमदान कर जुटाया सिंचाई का पानी
संवाददाता बैजनाथ पटेल की रिपोर्ट
बेलगहना। अरपा नदी पर खोँगसरा के पास बने डाइवर्शन से खोँगसरा सहित आसपास के दर्जनों गांवों के खेतों तक नहर के माध्यम से सिंचाई का पानी पहुंचता है। ग्राम ढोलमौहा और सूखेना के बीच नहर कई स्थानों पर करीब एक साल से क्षतिग्रस्त है। किसानों के अनुसार, नहर की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार मांग की गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
धान की फसल के लिए सिंचाई पानी की जरूरत बढ़ने पर किसानों ने खुद ही नहर की मरम्मत का जिम्मा उठाया। किसानों ने बारी-बारी से श्रमदान कर नहर के टूटे हिस्सों को दुरुस्त करना शुरू किया, ताकि खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके।
ग्राम सूखेना के किसान मनमोहन सिंह सहित अन्य किसानों ने कहा कि सिंचाई के लिए उन्हें स्वयं श्रमदान करना पड़ रहा है। किसानों ने क्षतिग्रस्त नहर की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है।
मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने राज्य सरकार और सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद-बीज के साथ अब सिंचाई के पानी के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों से जुड़ी नहर और सिंचाई व्यवस्था की समस्याओं के समाधान पर विभाग का पर्याप्त ध्यान नहीं है।
शुक्ला ने कहा कि मामले की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में भेजी जाएगी। साथ ही क्षतिग्रस्त नहर की तत्काल मरम्मत कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की जाएगी।
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