आज मनाया जाएगा छत्तीसगढ़ का पारंपरिक भोजली पर्व भोजली विसर्जन को लेकर ग्रामीणों में उत्साह, पारंपरिक गीत देवीगंगा से गूंजेगा गांव

आज मनाया जाएगा छत्तीसगढ़ का पारंपरिक भोजली पर्व भोजली विसर्जन को लेकर ग्रामीणों में उत्साह, पारंपरिक गीत देवीगंगा से गूंजेगा गांव
कोंनचरा से बैजनाथ पटेल की रिपोर्ट 

कोनचरा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपरा का प्रतीक भोजली पर्व आज 29 अगस्त को श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर सशक्त नारी महासंघ की महिलाएं एवं ग्रामीणों द्वारा भोजली की पूजा-अर्चना कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विसर्जन किया जाएगा।
भोजली पर्व छत्तीसगढ़ की कृषि एवं लोक संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। भोजली को सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और आपसी भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। महिलाएं एवं युवतियां भोजली गीत गाते हुए इस पर्व को उत्साहपूर्वक मनाएंगी।
आज होने वाले भोजली विसर्जन कार्यक्रम में समस्त ग्रामवासी कोनचरा शामिल होंगे। पारंपरिक गीत-संगीत और उत्साह के साथ भोजली विसर्जन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने सभी से इस पारंपरिक लोकपर्व में सहभागी बनकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। कार्यक्रम में विशेष सहयोग छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की सहभागिता रहेगा

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