अगरियापारा में सड़क, बिजली और पानी का संकट, 35-40 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे 15-20 परिवार
संपादक -मनहरण कश्यप की खास रिपोर्ट
कोरबा। विकासखंड पौड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत सारिसमार के आश्रित मोहल्ला अगरियापारा में रहने वाले करीब 15 से 20 परिवार आज भी विकास की बुनियादी सुविधाओं से दूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वे पिछले 35-40 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं, लेकिन इतने लंबे समय बाद भी मोहल्ले तक पक्की सड़क, बिजली और सुरक्षित पेयजल जैसी सुविधाएं नहीं पहुंच सकी हैं। नतीजतन ग्रामीणों का जीवन आज भी अभाव और परेशानियों के बीच गुजर रहा है।
मोहल्ले तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को करीब एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक पैदल जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में रास्ता और भी दुर्गम हो जाता है। ऐसे में बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक, आपात स्थिति में मरीज को कंधे या खाट के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को इस समस्या का सबसे अधिक सामना करना पड़ता है।
बिजली की सुविधा नहीं होने से शाम ढलते ही पूरा मोहल्ला अंधेरे में डूब जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अंधेरे में रहने की मजबूरी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं बरसात के मौसम में अंधेरे और झाड़ियों के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है।
पेयजल की समस्या भी गंभीर है। मोहल्ले में हैंडपंप तक उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते ग्रामीण नाले के पानी पर निर्भर हैं। बारिश के दौरान नाले का पानी दूषित हो जाने से ग्रामीणों को मजबूरी में असुरक्षित पानी का उपयोग करना पड़ता है। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका सवाल है कि जब वे दशकों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं, तो आखिर कब तक सड़क, बिजली और साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहेंगे? ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से अगरियापारा की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कराते हुए जल्द से जल्द पक्की सड़क, बिजली कनेक्शन और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग की है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी समस्या अब जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचेगी और अगरियापारा में भी विकास की रोशनी पहुंचेगी।
गुरुशिष्य न्यूज़
संपादक — मनहरण कश्यप
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