हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने मुकेश कुमार यादव को प्रदान की पीएचडी की उपाधि
संपादक -मनहरण कश्यप की विशेष रिपोर्ट
चीन–पाक धुरी और भारतीय सुरक्षा पर शोध को मिली अकादमिक मान्यता
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक जगत के लिए यह एक गौरवपूर्ण क्षण है। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा राजनीति विज्ञान विषय में गहन शोध कार्य पूर्ण करने पर शोधार्थी मुकेश कुमार यादव को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान किए जाने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षकों की विस्तृत रिपोर्ट एवं वाइवा-वोसे परीक्षा के सफल आयोजन के उपरांत शोध प्रबंध को स्वीकृति प्रदान करते हुए उन्हें पीएचडी उपाधि के लिए पात्र घोषित किया है।
मुकेश कुमार यादव ने यह शोध कार्य राजनीति विज्ञान के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. शकील हुसैन के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न किया। उनका शोध प्रबंध
“चीन का विस्तारवाद और भारतीय सुरक्षा : चीन–पाक धुरी के विशेष संदर्भ में”
जैसे अत्यंत समसामयिक और संवेदनशील विषय पर आधारित है। यह शोध वर्तमान वैश्विक राजनीति, एशिया में बदलते सामरिक संतुलन और भारत की सुरक्षा चुनौतियों को गहराई से समझने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
शोधार्थी का पंजीयन 18 नवम्बर 2019 को हुआ था। कड़ी मेहनत, निरंतर अध्ययन और शोध के बाद उन्होंने 05 नवम्बर 2024 को अपना शोध प्रबंध विश्वविद्यालय में प्रस्तुत किया। इसके पश्चात 26 दिसम्बर 2025 को वाइवा-वोसे परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह संपूर्ण शोध कार्य शासकीय वी.वाई.टी. पी.जी. स्वायत्त महाविद्यालय, दुर्ग को शोध केंद्र बनाकर किया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पीएचडी उपाधि यूजीसी (2016) के पीएचडी नियमों एवं विश्वविद्यालय की आर्डिनेंस क्रमांक 45 की समस्त आवश्यक शर्तों का पूर्णतः पालन करते हुए प्रदान की गई है, जो इसकी अकादमिक गुणवत्ता और वैधानिक मान्यता को और सुदृढ़ बनाती है।
मुकेश कुमार यादव की इस उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धि पर उनके शोध मार्गदर्शक, परिजन, सहकर्मी, मित्र एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें इस सफलता के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल अकादमिक और बौद्धिक भविष्य की मंगलकामनाएं दी हैं।
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