सोनपुरी ग्राम पंचायत का कारनामा, पहले पी.एम. आवास कार्य चालू करने कि आदेश फिर बाद में तोड़ने कि आदेश
संवाददाता -बैजनाथ पटेल की खास रिपोर्ट
ग्रामीण का आरोप चार दशक से मकान बाड़ी बनाकर 10-12परिवार गुजर -बसर कते आ रहे है जिसे शासकीय भूमि बता कर गाँव के उपसरपंच, पंच तथा महिला समूह मिलकर तोड़ फोड़ कर दिये अब अपने आशियाना बचाने के लिए शासन से न्याय कि गुहार लगा रहे हैं।
पूरे मामला कोटा जनपद पंचायत के सोनपुरी ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम ढोलमौहा का है
*रोचक मामला* :- सरपंच सुनील कुमार भानु की अध्यक्षता मे पंचायत बैठक लिया जाता है और सचिव रंनजीत महादेव के द्वारा दिनांक 11/04/2026 को अशोक कुमार पिता राम प्रसाद एवं अन्य को अप्रारंभ प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास को प्रारंभ करने की आदेश देते है की तीन दिवस के भीतर प्रधानमंत्री आवास कार्य प्रारंभ करें आपके द्वारा कार्य नहीं करने पर अवास योजना निरस्त कर शासन को सूची भेज दिया जाएगा जिसकी स्वयं जिम्मेदार रहेंगे।
कुछ दिन बाद पुनः पंचायत के द्वारा नोटिस जारी किया गया अशोक कुमार केवट पिता राम प्रसाद केवटआपके द्वारा शासकीय भूमि शमशान घाट में बनाया जा रहा मकान को तोड़कर एवं मलमा को तीन दिवस के अंदर खाली करें अन्यथा आपके विरुद्ध ग्राम पंचायत के द्वारा कार्यवाही किए जाएंगा जिसकी संपूर्ण जवाबदारी स्वयं रहेंगे।
नियम यह कहता है कि यदि प्रधानमंत्री ग्रामीणआवास योजना के तहत आवास निर्माण कार्य के पहले रोजगार सहायक /सचिव के द्वारा स्थल निरीक्षणऑनलाइन जिओ टेक करने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाता है। प्रधानमंत्री आवास की पिंथलेवल के बाद हितग्राही अशोक कुमार केवट को पंचायत के द्वारा शासकीय भूमि बताकर नोटिस देना प्रश्न चिन्ह है
गांव के उप सरपंच एवं पंच के द्वारा गांव की महिला समूह को अगवा कराकर घर बड़ी ( रूंधना )को तोड़ाना जो शासकिया नियम के विरुद्ध है आखिर कब से महिलाओं को अधिकार दिया गया है कि किसी के घर उजाड़ने का पूरे मामला कानूनी प्रक्रिया है जिसे अनदेखा किया जा रहा है। पीड़ित परिवार न्याय की आस में कलेक्टर कार्यालय, तहसील कार्यालय, एवं पुलिस चौकी के चक्कर काट रहे हैं क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाती है या नही
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